आज आपमें ऊर्जा और दिखना दोनों तेज़ हैं — सूरज आपको सामने ला रहा है जबकि केतु कह रहा है कि अपनी छवि पर पकड़ ढीली करें। शुक्र आपकी कमाई और खुद की क़ीमत को सहारा दे रहा है, लेकिन बुध और गुरु दोनों आराम और पर्दे के पीछे के खर्चों में हैं तो पैसा चुपचाप बह सकता है। भाई-बहन या पड़ोसियों से बातें बिखरी लग सकती हैं, पर मंगल आपकी दोस्ती और उम्मीदों में रफ़्तार भर रहा है।
| ग्रह |
भाव |
शास्त्रीय ग्रंथों से |
| सूर्य |
पहला भाव |
लग्न में सूर्य शीघ्र यात्रा और धन-लाभ से जुड़ा है, तथा स्वप्न संबंधी प्रश्नों में यह अग्नि, प्रकाश या राजा को देखने का संकेत देता है। परंतु अशुभ ग्रहों के साथ मिलकर यह सेना की पराजय या खतरे का भी सूचक हो सकता है। — V25 |
| चंद्र |
तीसरा भाव |
जब चंद्रमा लग्न से तीसरे भाव में स्थित हो या उसे प्रभावित करे, तो यह स्वास्थ्य और जीवनी शक्ति, विशेषकर श्वसन और पाचन तंत्र की कमजोरी से जुड़ा माना जाता है। — V11 |
| मंगल |
ग्यारहवाँ भाव |
ग्यारहवें भाव में शक्तिशाली मंगल नई ऊर्जा और स्फूर्ति प्रदान करता है, यहाँ तक कि वृद्ध व्यक्ति को भी पुनर्जीवित कर देता है। — V10 |
| बुध |
बारहवाँ भाव |
बारहवें भाव में बुध व्यक्ति को दुखी, विद्याहीन, अपमानित, क्रूर और निष्क्रिय बनाता है। — V04-CLEAN |
| गुरु |
बारहवाँ भाव |
यह घृणित, गाली-गलौज करने वाला, संतानहीन, पापी, आलसी और नीच होने की ओर प्रवृत्त होता है। — V04 |
| शुक्र |
दूसरा भाव |
दूसरे भाव में शुक्र, विशेषकर उच्च या स्वराशि में, गुप्त धन, भूमि, संपत्ति और संतान की प्राप्ति देता है; यदि यहाँ चंद्रमा के साथ हो तो राज्य या उच्च पद की प्राप्ति हो सकती है। — V02 |
| शनि |
आठवाँ भाव |
आठवें भाव में सूर्य जैसा प्रभाव: कम संतान और दोषपूर्ण दृष्टि। — V03 |
| राहु |
सातवाँ भाव |
सप्तम भाव में राहु यदि सूर्य के साथ हो तो व्यक्ति अपनी सम्पत्ति स्त्रियों पर व्यर्थ करता है; सप्तम भाव में राहु विवाह के संकेत से भी जुड़ा है और अन्य ग्रहों के साथ मिलकर पुराने कुओं की खोज का संकेत देता है। — V09 |