आज आपकी मौजूदगी में खास ताकत है — बुध और गुरु दोनों आपको स्पष्टता और आत्मविश्वास दे रहे हैं — लेकिन एक उलझन भी है: सूर्य और केतु मिलकर पैसे या खुद की कीमत को लेकर संशय पैदा कर रहे हैं, जबकि मंगल पीछे हटकर आराम माँग रहा है जो शायद आप नहीं ले रहे। अगर बाहर की दुनिया शोर मचा रही हो तो घर को सुकून देने दें, और भरोसा रखें कि संसाधनों की उलझन जल्दी खत्म होगी अगर आप दबाव डालना छोड़ दें।
| ग्रह |
भाव |
शास्त्रीय ग्रंथों से |
| सूर्य |
दूसरा भाव |
इस भाव में सूर्य अशुभ के बजाय शुभ प्रभाव देने वाला माना जाता है। — V11 |
| चंद्र |
चौथा भाव |
मीठे भोजन का आनंद लेने वाला, विनम्र, स्त्रियों में आसक्त, और सुखी। — V06 |
| मंगल |
बारहवाँ भाव |
मंगल राशि गणनाओं में द्वादशांश विभाजन को नियंत्रित करता है। — V26 |
| बुध |
पहला भाव |
लग्न में बुध को दिग्बल प्राप्त होता है, जिससे व्यक्ति बुद्धिमान, दीर्घायु और सम्मानित होता है, विशेषकर यदि किसी शुभ ग्रह की दृष्टि हो। — V01 |
| गुरु |
पहला भाव |
पहले भाव में बृहस्पति कई विपत्तियों को दूर करता है और पुण्य, सुख तथा दीर्घ स्वस्थ जीवन प्रदान करता है। — V04-CLEAN |
| शुक्र |
तीसरा भाव |
तीसरे भाव में शुभ शुक्र भाग्यशाली पत्नी और घर में चोरी से सुरक्षा का संकेत देता है। — L01 |
| शनि |
नौवाँ भाव |
धर्म की ध्वजा को ऊँचा रखने वाला, महान विशेषज्ञ, बुद्धिमान और न्यायप्रिय, पुत्रों के साथ। — V06 |
| राहु |
आठवाँ भाव |
राहु आठवें भाव में हो तो आयु कम होती है, व्यक्ति अशुद्ध कर्मों की ओर झुकता है, किसी अंग में दोष होता है, वात रोग होता है, और संतान सीमित होती है। — V04-CLEAN |